नर्रमदा मैय्या तुही है मॉ हमारी ।
झरझर बहता जल निर्मल शिवजीकि तु दुलारी।।
रग रग मे हैे हमारे तेरा ही जल समाये ।
जीवन सबका सफल हुआ मॉ तेरा दर्शन जो पाये।।
हम सबको आशीस दे दे मॉ सदा रहे हम तेरे प्यारे।
सपनोमेभी दर्शन तेरा सदाही हमे मिलता रहे।।
आखरी सास हमारी बस तेराही नाम पुकारे ।
शरीर मेरा तुज मे समाये और आत्मा मुक्ति पाये।।
झरझर बहता जल निर्मल शिवजीकि तु दुलारी।।
रग रग मे हैे हमारे तेरा ही जल समाये ।
जीवन सबका सफल हुआ मॉ तेरा दर्शन जो पाये।।
हम सबको आशीस दे दे मॉ सदा रहे हम तेरे प्यारे।
सपनोमेभी दर्शन तेरा सदाही हमे मिलता रहे।।
आखरी सास हमारी बस तेराही नाम पुकारे ।
शरीर मेरा तुज मे समाये और आत्मा मुक्ति पाये।।
सुभाष मोरे/ धुळे
८ मार्च २०१५
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